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खुशियों का मोल

अनमोल खुशियों का तोलमोल छोडें, इन्हें खरीदना, बेचना, चुराना, छीनना संभव नहीं. बस इनके योग्य बनने का प्रयत्न ही किया जा सकता है... इन्हीं भावों को शब्दों में पिरोती कविता...
नापा न जा सके खुशियों के मोल को
देखा है कभी मुस्कान के तोल को?

खुशियों का मोल

छवि देख तिहारी, दुल्हन प्यारी...

अपने भैया की शादी में दुल्हन की छवि का बखान करते लिखी थी ये कविता ...

Chavi Dekh Tihari

सच्चे पल, झूठे रिश्ते

सच है कि रिश्ते अनमोल होते हैं. पर जीवन में कई अपवाद भी होते हैं.
दिखावे के रिश्तों के लिए जीवन के अनमोल पल, सच्ची भावनाएं ज़ाया न करें...
इन्हीं भावों को शब्दों में पिरोती कविता... 


सच्चे पल, झूठे रिश्ते

प्यारी बहना दुल्हन बनी है


रूचि की पहली सालगिरह आने को है, तो विविध-संकलन का ये संस्करण
रूचि, परिमल और उनकी शादी की यादों को समर्पित...  
प्यारी बहना दुल्हन बनी है, और उसके साज श्रृंगार का क्या कहना...
प्यारी बहना दुल्हन बनी है

नया नया सा

कभी कभी यूँ भी होता है, कि सब कुछ नया नया सा लगता है, ऐसी ही अनुभूति को शब्दों में पिरोती कविता... 

नया नगर नया काम,
नयी सुबह नयी शाम...

Everything is new

संबल

White Pigeons Supporting each otherआकुल ह्रदय को संबल देती आशा
प्रतिकूल परिस्थिति में भी मन को संबल देती आशा की विजय को कविता में पिरोते शब्द...

संध्या का रंग सुनहरादमके जैसे संदल

अपरिचित पथ पर यूँ हीविचरित है मन चंचल...

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