Katha-Srijan

ख़बर के कंधे पर

Monday, October 26, 2020
hindi kahani - khabar ke kandhe par

जीवन में कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं, जो अपने मन की भड़ांस निकालने के लिए दूसरों को कोसते रहते हैं। अपने परिजनों को ताने मार मारकर ही उनको सुकून आता है।
अक्सर घर का माहौल अच्छा रखने के उद्देश्य से कई लोग ये सब "वर्बल अब्य़ूज़" सहन कर लेते हैं। पर क्या सही है सहते ही जाना ऐसा मानसिक शोषण? क्या हो जो प्रयत्न किया जाए उस सम्मान को पाने का जिसपर हर मनुष्य का अधिकार है।

रफ़्तार

Speed

बाल मन में बबूल के बीज बोयें, तो आम की अपेक्षा ना रखें
बचपन में गलत आदतों को अनुचित बड़ावा देने का दुष्परिणाम दर्शाती लघु कथा
Subscribe to Katha-Srijan