खुशियों का मोल

खुशियों का मोल
अनमोल खुशियों का तोलमोल छोडें, इन्हें खरीदना, बेचना, चुराना, छीनना संभव नहीं.
बस इनके योग्य बनने का प्रयत्न ही किया जा सकता है... 

नापा न जा सके खुशियों के मोल को,

देखा है कभी मुस्कान के तोल को?

बड़ी खुशी की राह में ऐसे न खो जाना,
कि खो दो एक छोटी मुस्कान अनमोल को

मिलती है मुश्किल से किस्मत से खुशियाँ,
हर कोई न थाप सके आनंद के ढोल को

जितनी है हिस्से में उतनी ही पाओगे,
छीन नहीं पाओगे खुशियों के बोल को

पंछी तो फाँस ले जाल में शिकारी,
कैद न कर पाए कोई प्यारे कलोल को