गूगल प्लस बिरादरी के सदस्यों के लिए पांच टिप्स

गूगल प्लस बिरादरी के सदस्यों के लिए पांच टिप्स

बड़े काम के पांच उपयोगी सुझाव


गूगल प्लस बिरादरियां एक बहुत ही कारगर माध्यम है - एक प्रभावशाली मंच है, अपने पाठकों या उपभोक्ताओं से जुड़ने का. अलग अलग श्रेणियों की असंख्य बिरादरियां मौजूद हैं - जिनके माध्यम से आप अपने नए आलेख / रचनाओं को अधिक से  अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं.

अंतरजाल पर बिरादरियों के विषय में अच्छे व लाभकारी उपयोग के अधिकतर आलेख बिरादरी के स्वामियों (owners) के लिए हैं. कम ही आलेख मिल पाएंगे, जो आपको एक सदस्य के रूप में बिरादरी के उपयोग संबधी कारगर टिप्स देंगे. तो नए-पुराने गूगल प्लस बिरादरी सदस्यों के लिए, ये पांच काम के सुझाव.

१. अपने प्रोफाइल या पृष्ठ पर एक ही रचना को बार बार प्रदर्शित होने से रोकें   


कई बार, किसी बिरादरी पर आपकी साझा की हुई रचना से प्रभावित होकर लोग आपकी प्रोफाइल या पृष्ठ पर जाएंगे. वे अपेक्षा करेंगे, कि उक्त रचना के अलावा आपकी नई-पुरानी अन्य रचनाएं भी देख सकें. लेकिन यदि आप अपनी रचनाओं को अनेक बिरादरियों में साझा करते हैं, जो कि अधिकतर लेखक करते ही हैं, तो आपकी एक ही रचना आपके पृष्ठ पर कई बार प्रदर्शित होगी. उदाहरण के लिए, एक रचना आपने लिखी और, मान लीजिए १० बिरादरियों में साझा की. फिर एक रचना और लिखी, और १२ बिरादरियों में उसकी कढ़ी पोस्ट की. तो अब आपके पृष्ठ पर आगंतुक को आपकी नई रचना १२ बार पुनरावृत्त दिखाई देगी. और उसके बाद पुरानी रचना १० बार दोहराई हुई दिखेगी. ये चित्र देखें -
 
 
 
 
बहुत ही अजीब सा अनुभव होगा न ये नए पाठक के लिए? इस बेढब “रीपीटिशन” को रोकने के लिए, आपको “सेटिंग्‌स”
में बस एक छोटा सा परिवर्तन करना है. चित्र के अनुसार,

अपनी Google+ प्रोफ़ाइल के पोस्ट टैब पर अपने Google+ समुदायों की पोस्ट दिखाएं. 

वाले चेकबॉक्स को “अनचेक” कर दें. अब आपके द्वारा बिरादरियों पर साझा किए गए पोस्ट आपकी प्रोफाइल के पोस्ट वाले पृष्ठ पर नहीं दर्शाए जाएंगे. 


सबसे अच्छा ये होगा, कि आप सबसे पहले अपनी मंडलियों (Circles) या सार्वजनिक (Public) रूप से अपनी रचना की कढ़ी को अपने ही पृष्ठ पर या प्रोफाइल से साझा करें. उसके बाद, इसी पोस्ट को बार-बार अलग-अलग मंडलियों में साझा करें. आपकी यह पोस्ट कितनी बार साझा की गई है, ये संख्या आपकी पोस्ट पर प्रदर्शित की जाती है.  ये संख्या जितनी अधिक हो, उतनी ही प्रभावशाली लगेगी. देखें किस तरह आपका पृष्ठ अब सुव्यवस्थित दिखाई देगा
 
 
 
 

२.  बिरादरी को “विज़िट” किए बिना अपनी पोस्ट साझा करें


मान लीजिए आप एक गूगल प्लस बिरादरी से पोस्ट साझा करना चाहते हैं. तो इसके लिए, उस बिरादरी के पृष्ठ पर जाना आवश्यक नहीं है. 

आप “शेयर बॉक्स” पर जाएं, यानि जहां लिखा है, “साझा करें कि क्या नया है” (Share What’s New). इसके बाद, “प्रति” पर क्लिक करें, और “ड्रॉप डाउन” लिस्ट में नीचे स्क्रोल करते जाएं. आपकी मंडलियों के बाद, उन सारी बिरादरियों के नाम होंगे जिनके आप सदस्य हैं. आप किसी एक बिरादरी को चुन सकते हैं - एक बार में एक ही बिरादरी के संग साझा कर सकेंगे.
 
 

बिरादरी के नाम पर क्लिक करने के बाद, यदि उस बिरादरी की कोई श्रेणियां भी हैं, तो उनके नाम दिखाई देंगे - उपयुक्त श्रेणी को चुनें, और अपनी पोस्ट को साझा करें.

 
तो इस तरह, आप कहीं से भी बिरादरियों से साझा कर सकते हैं - उनके पृष्ठ पर जाए बिना. 

३. बिरादरी के पृष्ठ पर अपने द्वारा साझा की गई पोस्ट्‌स को इस तरह खोजें

ऊपर (१. में) लिखे अनुसार सेटिंग परिवर्तन करने पर आपके पृष्ठ पर बिरादरी पर आपके द्वारा साझा की हुई पोस्ट्स नहीं दिखाई देंगी. लेकिन कभी आप देखना चाहें कि आप ने कौन सी बिरादरी पर, कब और कौन सी पोस्ट साझा की थी, ये देखना चाहें, तो बिरादरी के “सर्च बॉक्स” का उपयोग करें. 

 
जब यहां आप अपना नाम डालेंगे, तो खोज के परिणाम स्वरूप वे पोस्ट्‌स देख सकेंगे, जो आपके द्वारा साझा की गई हैं, या फिर वे पोस्ट्स जिन पर आपने टिप्पणी की हो. आप इस सर्च बॉक्स में कुछ भी डाल कर बिरादरी में खोज सकते हैं.

४. सही श्रेणी में पोस्ट करें
 
बहुधा गूगल प्लस बिरादरी के स्वामी अथवा प्रबंधकों द्वारा कुछ श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं, जैसे हमने ऊपर (२. में) देखा. आप उपयुक्त श्रेणी में ही पोस्ट करें. उदाहरण के लिए, “हम हिंदी भाषी” बिरादरी में कढ़ियों (links) वाली पोस्ट्‌स को ‘रोचक चिट्ठों की कढ़ियां’ श्रेणी में डालें, न कि ‘सामान्य चर्चा’, या ‘आपकी अपनी रचनाएं’ में. ‘सामान्य चर्चा’ अन्य चिट्ठाकारों से संवाद स्थापित करने के लिए है, अपनी या अपने मित्रों की रचना का प्रचार करने का सही मंच है - ‘रोचक चिट्ठों की कढ़ियां’. इसी तरह ‘आपकी अपनी रचनाएं’ श्रेणी उन सदस्यों के लिए है, जो अपनी संपूर्ण रचना बिरादरी पर साझा करना चाहते हों.

सही श्रेणी में डालने से, बिरादरी सुव्यवस्थित रहेगी, और अन्य सदस्य व आगंतुक सरलता से अपनी पसंद, अथवा आवश्यकता अनुसार पोस्ट्‌स को पढ़ सकेंगे. 

सही श्रेणी में न डालने पर, आपकी पोस्ट्‌स स्पॅम हो सकती है, और आपको बिरादरी से निष्कासित भी किया जा सकता है. (वैसे अधिकतर प्रबंधक इतने अनुशासनप्रिय भी नहीं होते, पर उनका काम ज़्यादा बढ़ाइगा, तो फिर कौन जाने :P

५. अनावश्यक सूचनाओं को बंद करें
ढेर सारी बिरादरियों के सदस्य बन जाने पर, उन सबमें साझा की हुई पोस्ट्‌स की ढेर सारी सूचनाएं भी पाएंगे. यदि ये सूचनाएं आपके लिए काम की सिद्ध नहीं हो रही हैं, तो उस बिरादरी के पृष्ठ पर जाकर बाईं तरफ “घंटी” के चित्र पर क्लिक करें, नोटिफिकेशन बंद हो जाएंगी. 
सार्वजनिक बिरादरियों के लिए यह सेटिंग शुरू में ‘ऑफ’ ही रहती है. अगर आप सूचनाएं पाना चाहें तो जाकर इस सेटिंग को आन कर दें. किंतु निजी बिरादरियों से जुड़ने पर ये सेटिंग शुरु में ‘ऑन’ रहती है. यदि आप नोटिफिकेशन न चाहें तो इसे आपको ‘ऑफ’ करना पड़ेगा.
 
 

सारांश - अपनी बिरादरी की प्राथमिकता व प्रासंगिकता पर दें ध्यान

गूगल प्लस बिरादरियों को एक सार्थक मंच, एक अवसर के रूप में देखें. हर पोस्ट से अपनी एक अच्छी ‘छाप’ छोड़ने की कोशिश करें. अपनी बिरादरी के अनुरूप ही पोस्ट साझा करें, हमेशा ‘प्रस्तुतकर्ता’ न बनें, कभी कभी श्रोता बन अन्य सदस्यों की रचनाओं पर सार्थक टिप्पणी भी करें - और इस तरह आप कई नए सार्थक संपर्क स्थापित कर सकेंगे और नए पाठकों को अपने ब्लॉग, वेबसाइट आदि की ओर आकर्षित कर सकेंगे.   




       



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